Sunday, 1 February 2026

Budget Presented by the Government is Disappointing: Harmail Kesri

By 121 News
Chandigarh, Feb.01, 2026:-The budget presented by the central government is utterly disappointing. There is nothing new  in this budget.The budget offers nothing for women, nothing for the youth, and nothing for the manufacturing sector.

The Chandigarh administration has also received less funding than before because the people of Chandigarh will have to bear the consequences of not fully utilizing the funds allocated in the previous budget. This is why a reduction of ₹460 crore has been made in Chandigarh's budget.

This will significantly impact the development of Chandigarh city.

बजट 2026–27-आम आदमी पर भारी मार, बड़े धनवानों के लिए रास्ता खुला

By 121 News
Chandigarh, Feb.01, 2026:--आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ ने बजट और फाइनेंस बिल की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को कोई वास्तविक राहत नहीं दी गई है, जबकि बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुँचाया गया है।

विजयपाल सिंह, अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी, ने कहा कि फाइनेंस बिल 2026 और चंडीगढ़ यूटी बजट 2026–27 बड़े कॉरपोरेट मित्रों के लिए रास्ता खोलते हुए आम नागरिक, छोटे व्यापारी, कर्मचारी और पेंशनर्स पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस आर्थिक अन्याय के खिलाफ देश की जनता के साथ मजबूती से खड़ी है और इस विकास-विरोधी बजट के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेगी, ताकि जनता को इस अन्याय की सच्चाई पता चल सके।

विक्रांत ए. तंवर, आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ के वरिष्ठ नेता, व्यापार मंडल के जनरल सेक्रेटरी एवं स्टेट मीडिया इंचार्ज ने कहा कि फाइनेंस बिल 2026 और चंडीगढ़ यूटी बजट 2026–27 आम नागरिक, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग के लिए कोई वास्तविक राहत प्रदान नहीं करते। उन्होंने कहा कि यह बजट और विधेयक केवल बड़े कॉरपोरेट और उच्च आय वर्ग को लाभ पहुँचाने के लिए बनाए गए हैं, जबकि आम जनता पर बोझ लगातार बढ़ाया गया है।

विक्रांत ए. तंवर ने बताया कि फाइनेंस बिल 2026 में पुराने आयकर स्लैब ज्यों-के-त्यों रखे गए हैं। ₹2.5 लाख, ₹3 लाख और ₹5 लाख की बेसिक छूट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे सैलरी वर्ग, निजी कर्मचारी, दुकानदार और पेशेवर वर्ग को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिला। ऊपरी स्लैब पर 20 से 30 प्रतिशत टैक्स, साथ में 10 से 37 प्रतिशत अधिभार और 4 प्रतिशत स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर का बोझ मध्यम वर्ग पर अत्यधिक पड़ता है, विशेष रूप से ₹10 से ₹20 लाख वार्षिक आय वालों पर।

उन्होंने कहा कि अधिभार और उपकर की संरचना पूरी तरह से "अत्यधिक संपन्न वर्ग के अनुकूल और मध्यम वर्ग के खिलाफ" है। व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों के लिए अधिभार की दरें इस प्रकार हैं — ₹50 लाख से ₹1 करोड़ तक 10 प्रतिशत, ₹1 करोड़ से ₹2 करोड़ तक 15 प्रतिशत, ₹2 करोड़ से ₹5 करोड़ तक 25 प्रतिशत तथा ₹5 करोड़ से अधिक आय पर 37 प्रतिशत। वहीं पूंजीगत लाभ और लाभांश पर अधिभार केवल 15 प्रतिशत तक सीमित रखा गया है, जिससे उच्च आय वाले निवेशकों को संरचित राहत मिलती है और वेतनभोगी वर्ग पर बोझ बना रहता है।

फाइनेंस बिल 2026 में विदेशी संपत्ति से संबंधित खुलासों पर छोटे करदाताओं के लिए 30 प्रतिशत टैक्स और 100 प्रतिशत तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इससे छोटे और मध्यम स्तर के कमाई करने वाले, पेशेवर तथा एनआरआई पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जबकि बड़े कॉरपोरेट और अति-धनाढ्य वर्ग सुरक्षित बने रहते हैं।

न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) को अंतिम कर बनाया गया है और इसकी दर 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत की गई है, लेकिन मैट क्रेडिट के उपयोग पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। घरेलू कंपनियों के लिए क्रेडिट उपयोग हर वर्ष अधिकतम 25 प्रतिशत तक सीमित है और विदेशी कंपनियों के लिए भी यह केवल सीमित अवधि तक ही मान्य है।

सिक्योरिटीज लेन-देन कर (एसटीटी) में भी बढ़ोतरी की गई है। विकल्प प्रीमियम पर 0.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत, क्रियान्वयन पर 0.125 प्रतिशत से 0.15 प्रतिशत और फ्यूचर्स पर 0.02 प्रतिशत से 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे छोटे निवेशकों और व्यापारियों की लागत बढ़ेगी, जबकि बड़े एल्गोरिदमिक और विदेशी निवेशकों पर इसका प्रभाव सीमित रहेगा।

सीमा शुल्क में खाद्य पदार्थों, मेवों, फलों, रसायनों और औद्योगिक सामग्री पर बढ़ोतरी की गई है, जिससे आयात महंगा होगा और महंगाई बढ़ने की आशंका है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में केवल तकनीकी सुधार किए गए हैं, लेकिन चंडीगढ़ के व्यापारी, एमएसएमई और सेवा प्रदाताओं को कोई वास्तविक दर कटौती या अनुपालन में सरलीकरण नहीं मिला है।

विक्रांत ए. तंवर ने कहा कि अनुपालन और अभियोजन में "अपराध-मुक्ति" दिखाने के बावजूद टीडीएस, टीसीएस, रिटर्न, क्रिप्टो रिपोर्टिंग और वित्तीय विवरणों पर कई स्तर के दंड बनाए रखे गए हैं। अद्यतन रिटर्न पर 25 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैक्स और नोटिस के बाद 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स ईमानदार लेकिन असंगठित करदाताओं के लिए अत्यंत कठोर है।

चंडीगढ़ यूटी बजट 2026–27 में कुल बजट घटा दिया गया है।
वर्ष 2025–26 में संशोधित अथवा वास्तविक व्यय ₹6,187 करोड़ था, जबकि वर्ष 2026–27 के लिए बजट ₹5,720 करोड़ रखा गया है। यानी ₹467 करोड़ (लगभग 7.5 प्रतिशत) की सीधी कटौती की गई है। महंगाई, वेतन वृद्धि और शहरी दबाव के बावजूद बजट में कटौती अत्यंत चिंताजनक है।

स्थापना और प्रशासनिक खर्च कुल बजट का लगभग 66 प्रतिशत है, जबकि विकास और नागरिक सेवाओं के लिए उपलब्ध राशि में भारी गिरावट आई है। नगर निगम चंडीगढ़ के लिए कोई अलग और स्पष्ट बजट प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे सड़क, ड्रेनेज, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएँ प्रभावित होंगी।

पूंजीगत व्यय यूटी स्तर पर बेहद सीमित रखा गया है और नगर निगम को कोई सीधी पूंजीगत फंडिंग नहीं दी गई है। इससे बुनियादी ढांचे के विकास पर गंभीर नकारात्मक असर पड़ेगा।

आम आदमी पार्टी मांग करती है कि आयकर स्लैब को तुरंत मुद्रास्फीति के अनुरूप संशोधित किया जाए, बेसिक छूट कम से कम ₹5 लाख की जाए, 37 प्रतिशत सुपर अधिभार समाप्त किया जाए, अप्रत्यक्ष करों से महंगाई का बोझ कम किया जाए तथा एमएसएमई और छोटे व्यापारियों को वास्तविक राहत दी जाए।
साथ ही नगर निगम चंडीगढ़ के लिए अलग, पारदर्शी और सूत्र-आधारित अनुदान तथा समर्पित पूंजीगत फंडिंग सुनिश्चित की जाए।

शेफ सुनैना नंदा ने लांच किए "शेफ़ी मसाले" 

By 121 News
Mohali, Feb.01, 2026:--जो चीज भारत को दुनिया भर में सबसे अलग बनाती है, वह निश्चित रूप से हमारे किचन में पाए जाने वाले मसालों की विविधता है। ये मसाले हमारे व्यंजनों की रीढ़ हैं और पूरे देश भर में कई अलग-अलग रूपों में इसकी खेती की जाती है। भारत के स्वाद को समझते हुए "शेफ़ी एग्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड" भी खाद्य श्रेणियों में भारतीय रसोई के लिए एक अद्भुत और स्वादिष्ट प्रोडक्ट लेकर आया है। "शेफ़ी एग्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड" ने "शेफ़ी मसाले" ब्रांड नाम के तहत अपने प्रीमियम गुणवत्ता वाले मिश्रित और शुद्ध मसाले मोहाली में लॉन्च किए हैं। 

"शेफ़ी मसालो" के बारे में जानकारी देते हुए "शेफ़ी एग्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड" की निदेशिका शेफ सुनैना नंदा ने बताया कि हमारे मसाले सभी मसाला रेंज मे उपलब्ध है। उनकी तरफ से फिलहाल अभी "शेफ़ी मसाले" के 12 मसालों की रेंज लांच की जा रही है।  जिनमे से 6 मसाले रेडी टू कुक है। ये ना सिर्फ आपका समय बचाते हैं, बल्कि आपके पैसे भी बचाते हैं। जिनमें आपको लहसून, प्याज, और अदरक कुछ भी मिलने की जरूरत नहीं है।बस सब्ज़ी काटो, टमाटर ग्रेवी में मिलाओ, 4 चमचे ऑइल डालो थोड़ा सा पकाकर "शेफ़ी मसाले" के 2 चमच डालो और सब्जी तैयार | ये मसाले है पनीर मसाला, हैदराबादी बिरयानी मसाला, चिकन मसाला, मटन मसाला, अमृतसरी छोले मसाला और किचन किंग मसाला | अन्य 6 मसाले है धनियां पाउडर, हल्दी पाउडर (सेलाम-तमिलनाडु की विशेष), खूनी लाल मिर्च पाउडर (कश्मीरी), तूफानी रेड चिल्ली पाउडर (राजस्थानी), गरम मसाला, टी मसाला, जो अभी बाजार में पेश किए गए है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय मे 100 से अधिक मसालों की विशाल रेंज पेश की जाएगी। इनमें से कई मसाले तो ऐसे होंगे, जिनके बारे में अभी तक किसी को भी जानकारी न होगी।

"शेफ़ी एग्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड" के निदेशक रमीन नंदा ने बताया कि उनकी तरफ से पेश किए जा रहे सभी "शेफ़ी मसाले" कच्चे माल की सर्वोत्तम गुणवत्ता का उपयोग करके अच्छी तरह से पिसे हुए और स्थानीय स्वाद देने के लिए सही अनुपात में मिश्रित होते हैं।  "शेफ़ी मसालों" को छोटे और माध्यम साइज़ के बैचों में बनाया जाता है और उत्पाद के दौरान सुगंध, स्वाद और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है।लंबे समय के लिए गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए विशेष पैकेजिंग में पैक किया जाता है।  

शेफ सुनैना नंदा ने आगे बताया कि अब ग्राहको के पास सबसे अनूठे और शुद्ध मसालो को ऐसी रेंज है, जो भोजन के स्वाद को बढ़ाने वाला है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता से निर्मित, ये मसाले एक आदर्श मिश्रण है, जो उन्हें सभी भारतीय व्यंजनों को एकदम स्वादिष्ट बनाता है।

GJIMT Students Collect and Recycle 438 kg of Plastic Waste

By 121 News

Mohali, February 01, 2026:-Gian Jyoti Institute of Management and Technology, Phase 2, Mohali has achieved a major milestone in environmental conservation by securing the second position in the third phase of 'Project D.R.O.P.' (Developing Responsible Outlook towards Plastic). The project was organized by the Indian Pollution Control Association in collaboration with Kia India Pvt. Ltd. The achievement was announced during a special ceremony held at Park Plaza, Zirakpur.

Under this initiative, students and staff of the institute collectively gathered 438 kg of plastic waste from the campus and surrounding areas. This waste was properly segregated and sent for recycling, marking a significant step toward a 'Circular Economy.'

Chairman J.S. Bedi lauded the students, stated that our goal is not just to grant degrees, but to nurture citizens who understand their responsibility toward society and nature.

Dr. Aneet Bedi, Director of the Campus, attributed this victory to the hard work of the students, noting that Project D.R.O.P. has fostered a new culture of environmental stewardship on campus.

Furthermore, the project's success led to the institute's Project Head, Ms. Bhavanpreet, being invited to speak at a national-level panel discussion. She shared insights with experts on modern methods of plastic management in urban administration.

ਸਵਰਗੀ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਬੈਂਸ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਸਾਹਿਤਕ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ 

By 121 News
Chandigarh, Feb.01, 2026: -ਪੰਜਾਬੀ ਲੇਖਕ ਸਭਾ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਨੇ ਅੱਜ ਪੀਪਲਜ਼ ਕਨਵੈਂਸ਼ਨ ਸੈਂਟਰ ਵਿਖੇ ਉੱਘੀ ਲੇਖਿਕਾ ਸਵਰਗੀ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਬੈਂਸ ਦੇ 86ਵੇਂ ਜਨਮ ਦਿਵਸ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਕਾਵਿ-ਸੰਗ੍ਰਹਿ 'ਮੈਂ ਵਿਦਾ ਨਹੀਓਂ ਹੋਣਾ' ਲੋਕ-ਅਰਪਣ ਕੀਤਾ ਗਿਆ I
ਸੁਰਜੀਤ ਬੈਂਸ ਨੂੰ ਇਸ ਸਾਹਿਤਕ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਸਮਾਗਮ ਮੌਕੇ ਯਾਦ ਕਰਦਿਆਂ ਇਹ ਪੁਸਤਕ ਡਾ. ਦੀਪਕ ਮਨਮੋਹਨ ਸਿੰਘ, ਗੁਰਨਾਮ ਕੰਵਰ, ਪ੍ਰਿੰ. ਗੁਰਦੇਵ ਪਾਲ, ਹਰਭਜਨ ਕੌਰ ਢਿੱਲੋਂ, ਰਜਿੰਦਰ ਕੌਰ, ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ, ਸੁਖਦੀਪ ਕੌਰ ਬੈਂਸ, ਪਾਲ ਅਜਨਬੀ ਅਤੇ ਭੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਮਲਿਕ ਵੱਲੋਂ ਰਿਲੀਜ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ I
ਮੰਚ ਸੰਚਾਲਕ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਉਂਦਿਆਂ ਪੰਜਾਬੀ ਲੇਖਕ ਸਭਾ ਦੇ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਭੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਮਲਿਕ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਬੈਂਸ ਜ਼ਿੰਦਾਦਿਲ਼ੀ, ਅਣਖ ਅਤੇ ਮੁਹੱਬਤ ਦੀ ਵਿਲੱਖਣ ਮਿਸਾਲ ਸਨ I
ਹਰਭਜਨ ਕੌਰ ਢਿੱਲੋਂ ਨੇ ਆਪਣੀ ਸਾਂਝ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਜੀਵਨ ਜਾਚ ਦੀ ਨਿਵੇਕਲੀ ਉਦਹਾਰਣ ਸਨ I ਗੁਰਨਾਮ ਕੰਵਰ ਨੇ ਆਖਿਆ ਕਿ ਸੁਰਜੀਤ ਬੈਂਸ ਮੁਹੱਬਤ ਨਾਲ਼ ਸਰਾਬੋਰ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤ ਸਨ I 
ਦਰਸ਼ਨ ਤਿਉਣਾ ਨੇ 'ਜਿੰਨੀਆਂ ਨੇ ਢੂੰਘੀਆਂ ਹਸਰਤਾਂ ਓਨੇ ਲੰਮੇ ਗੀਤ' ਕਵਿਤਾ ਸੁਣਾ ਕੇ ਆਪਣੀ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਦਿੱਤੀ I 
ਗੁਰਦਰਸ਼ਨ ਸਿੰਘ ਮਾਵੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਸਾਹਿਤਕ ਸਮਾਗਮਾਂ ਦਾ ਸ਼ਿੰਗਾਰ ਸਨ I 
ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਧੀਰ ਨੇ 'ਨਗ਼ਮਾ ਬਣ ਜਾ ਸੋਹਣੀਏ ਹੁਣ ਕੀ ਨਹੀਂ ਤੇਰੇ ਕੋਲ਼' ਤੱਰਨੁਮ ਵਿੱਚ ਗਾ ਕੇ ਸਮਾਂ ਬੰਨ੍ਹ੍ਹਿਆ I ਡਾ. ਸੁਰਿੰਦਰ ਗਿੱਲ  ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੁਰਜੀਤ ਬੈਂਸ ਮਹਿਕਾਂ ਵੰਡਦੀ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤ ਸਨ I ਰਾਜ  ਸਮੱਧਰ ਨੇ ਆਪਣੀ ਕਵਿਤਾ ਰਾਹੀਂ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਕਲਾਵੇ ਨੂੰ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰਵਾਇਆ I ਰਾਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਆਪਣੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਸਾਂਝੀਆਂ ਕਰਦਿਆਂ ਸੁਰਜੀਤ ਬੈਂਸ ਨੂੰ ਅਣਖੀਲੀ ਔਰਤ ਦੱਸਿਆ I 
ਡਾ. ਗੁਰਮਿੰਦਰ ਸਿੱਧੂ ਨੇ ਆਪਣੀ ਕਵਿਤਾ ਰਾਹੀਂ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਬੈਂਸ ਨੂੰ ਇੱਕ ਸਮਰੱਥ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤ ਹੋਣ ਦਾ ਖ਼ਿਤਾਬ ਦਿੱਤਾ I 
ਸੁਖਦੀਪ ਕੌਰ ਬੈਂਸ ਨੇ ਕਵਿਤਾ ਪੜ੍ਹੀ ਕਿ 'ਕੋਈ ਵਾਕਫ਼ ਨਹੀਂ ਗਰਾਂ ਅੰਦਰ' I 
ਡਾ. ਦੀਪਕ ਮਨਮੋਹਨ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਾਲਜ ਵੇਲ਼ੇ ਦੀ ਆਪਣੀ ਸਾਂਝ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਛੇੜਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਸਿਰਜਣਾਤਮਕ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀ ਕੁਝ ਵੱਖਰੀ ਹੀ ਸੀ I ਮੀਤ ਰੰਗਰੇਜ਼ ਨੇ ਸੁਰਜੀਤ ਬੈਂਸ ਦੀ ਉਸਤਤ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸੋਹਣੀ ਕਵਿਤਾ ਸੁਣਾਈ I ਪ੍ਰੋ. ਅਤੈ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੁਰਜੀਤ ਬੈਂਸ ਵਿਚਾਰਧਾਰਕ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤ ਹੁੰਦਿਆਂ ਅੰਦਰੋਂ ਗੰਭੀਰ ਸਨ I ਸੁਰਿੰਦਰ ਅਤੈ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਬੈਂਸ ਦਾ ਇੰਝ ਚਲੇ ਜਾਣਾ ਸਾਰਿਆਂ ਲਈ ਨਿੱਜੀ ਘਾਟਾ ਹੈ I ਪ੍ਰਿੰ. ਗੁਰਦੇਵ ਪਾਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੁਹੱਬਤ ਕੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉਹ ਸਾਨੂੰ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਬੈਂਸ ਨੇ ਸਿਖਾਈ I ਅੰਗਦ ਬੈਂਸ ਨੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸਾਰਿਆਂ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਰਾ ਪਰਿਵਾਰ ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਨਕਸ਼ੇ-ਕਦਮ 'ਤੇ ਤੁਰਨ ਦਾ ਪ੍ਰਣ ਕਰਦਾ ਹੈ I
ਪੰਜਾਬੀ ਲੇਖਕ ਸਭਾ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਮੀਤ ਪ੍ਰਧਾਨ ਪਾਲ ਅਜਨਬੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਹਿਤਕ ਸਮਾਗਮਾਂ ਦੀ ਸ਼ਾਨ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਬੈਂਸ ਦੀ ਕਮੀ ਸਾਨੂੰ ਸਦਾ ਮਹਿਸੂਸ ਹੋਵੇਗੀ I
ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਅਦੀਬਾਂ ਨੇ ਇਸ ਖ਼ਾਸ ਸਮਾਗਮ ਦੀਆਂ ਰੌਣਕਾਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੁੰਦਿਆਂ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਬੈਂਸ ਪ੍ਰਤੀ ਆਪਣੀ ਮੁਹੱਬਤ ਜਿਤਾਈ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚ  ਬਲਕਾਰ ਸਿੱਧੂ, ਪੰਮੀ ਸਿੱਧੂ ਸੰਧੂ, ਵਰਿੰਦਰ ਚੱਠਾ, ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ, ਡਾ. ਬਲਦੇਵ ਸਿੰਘ ਖਹਿਰਾ, ਏ. ਐੱਸ ਪਾਲ, ਗੁਰਪਿੰਦਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ, ਅਮਰਾਓ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ, ਪ੍ਰੇਮ ਵਿਜ, ਊਸ਼ਾ ਕੰਵਰ, ਕੰਵਲਦੀਪ ਕੌਰ, ਹਰਬੰਸ ਸੋਢੀ, ਡਾ. ਗੁਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ, ਹਰਮਿੰਦਰ ਕਾਲੜਾ, ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਬਲਦੇਵ ਸਿੰਘ ਸਪਤਰਿਸ਼ੀ, ਰੂਪ  ਅਵਤਾਰ  ਸਮੱਧਰ, ਧਿਆਨ ਸਿੰਘ ਕਾਹਲੋਂ, ਨਤਾਸ਼ਾ ਕੌਸ਼ਲ, ਮੱਲਿਕਾ ਚਹਿਲ, ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਚਰਨ, ਰਾਣੀ ਰੰਧਾਵਾ, ਲਾਭ ਸਿੰਘ ਲਹਿਲੀ, ਪਰਮਜੀਤ ਪਰਮ, ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ, ਅਨਮੋਲ, ਅੰਗਦ, ਰਜਿੰਦਰ ਪਾਲ ਵਸ਼ਿਸ਼ਟ, ਨਿੰਮੀ ਵਸ਼ਿਸ਼ਟ, ਵਿੰਦਰ ਮਾਝੀ, ਸੁਖਦੀਪ ਕੌਰ, ਡਾ. ਅਮਰਜੀਤ ਅਰਪਨ, ਤਨਮੀਤ ਕੌਰ, ਮਲਕੀਅਤ ਬਸਰਾ, ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬਾਠ, ਚਰਨਜੀਤ ਕੌਰ ਬਾਠ, ਸ਼ਮਸ਼ੀਲ ਸਿੰਘ ਸੋਢੀ, ਨਿਮਰਤ ਕੌਰ, ਬਲਜਿੰਦਰ, ਪਿਆਰਾ ਸਿੰਘ ਰਾਹੀ, ਸ਼ਸ਼ੀ ਨੰਦਨ, ਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਧੀਮਾਨ, ਸੁਸ਼ੀਲ ਕੌਰ, ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਕੋਮਲ, ਪਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਮਦਾਨ, ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ, ਜੇ. ਐੱਲ ਕਨੌਜੀਆ, ਸੁਰਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ, ਹਰਬੰਸ ਸੋਢੀ, ਡਾ. ਅਨਿਲ ਬਹਿਲ, ਸ਼ੀਨੂ ਵਾਲੀਆ, ਗੌਤਮੀ ਐੱਮ, ਹਰਸਿਮਰਤ ਚਹਿਲ, ਇੰਦਰਾਜ ਸਿੰਘ, ਰਾਖੀ ਬਾਲਾਸੂਬਰਾਮਨੀਅਮ,  ਡਾ. ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਬੱਲ, ਸ਼ਬਾਨਾ, ਹਰਿੰਦਰ ਹਰ, ਪਰਮਜੀਤ ਕੌਰ ਗਰੇਵਾਲ, ਪ੍ਰੀਤੀ ਸਾਹੀਵਾਲ, ਮਿੰਨੀ ਸਰਕਾਰੀਆ, ਕ੍ਰਿਸ਼ਮਾ ਵਰਮਾ, ਰੇਖਾ ਮਿੱਤਲ, ਗੁਰਨੀਤ ਕੌਰ, ਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਮਲਹੋਤਰਾ ਅਤੇ ਕੁਲਜੀਤ ਕੌਰ ਮਲਹੋਤਰਾ ਦੇ ਨਾਮ  ਜ਼ਿਕਰੇ ਖ਼ਾਸ ਹਨ I

Union Budget 2026 Is Anti-People and Pro-Corporate: H.S. Lucky

By 121 News
Chandigarh, Feb.01, 2026:-The President of the Chandigarh Pradesh Congress Committee,  H.S. Lucky, today slammed the Union Budget 2026, calling it a cruel betrayal of the common citizen and a budget drafted to serve only big corporates and political propaganda.
H.S. Lucky said the budget offers nothing for unemployed youth, nothing for inflation-hit middle-class families, and nothing for struggling farmers. "There is no roadmap for jobs, no relief from rising prices, and no guarantee of MSP. This is not a people's budget—it is a corporate wish list," he said.
He added that allocations for health, education, women, and social welfare remain grossly inadequate, exposing the BJP government's hollow claims of inclusive development. He remarked that fuel prices continue to burn holes in household budgets, while the government remains silent.
Calling the budget visionless and anti-poor, H.S. Lucky said it shifts the burden of economic failure onto future generations. He asserted that the Congress party outrightly rejects this deceptive budget and will continue to fight for the rights of citizens.